डिप्टी सीएम तक पहुंचा शिक्षक bharti का मामला
अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू में लगाए गंभीर आरोप न्यूनतम कटऑफ से ज्यादा अंक पाने के बाद भी नहीं किया शामिल
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| bharti |
प्रोफेसर राजेंद्र सिंह ( रज्जू भय्या ) विश्वविद्यालय ( पीआरएसयू ) में शिक्षक bharti का विवाद गहराता जा रहा है । पीएमओ , यूजीसी , कुलाधिपति और सूबे की राज्यपाल , भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बाद अब यह मामला सूबे के डिप्टी सीएम दिनेशशर्मा के दरबार में पहुंच गया है । बताते चलें कि राज्य विश्वविद्यालय में 15 विषयों में 76 पदों पर शिक्षक bharti होनी है । डिप्टी सीएम को भेजे गए पत्र में आवेदक डॉ . श्वेता ओझा , अभिषेक शुक्ल , राजीव त्रिपाठी आदि ने आरोपित किया है कि शिक्षक bharti
के लिए 28 जुलाई को होने वाले साक्षात्कार 1 धांधली हो रही है । योग्य अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया नहीं गया । डॉ . श्वेताने बताया कि उन्होंने संस्कृत विषय असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन किया है । इस विषय में सामान्य वर्ग का न्यूनतम कटऑफ 88 अंक जारी की गई है जबकि , उनका कुल 94 गुणांक है । इसके बावजूद उन्हें साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया इसी तरह , डॉ . राजीव त्रिपाठी ने 91 गुणांक प्राप्त किया है । फिर भी उन्हें साक्षात्कार प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया । आवेदकों की तरफ से आरोप तो यह भी लगाया जा रहा है कि कटऑफ अंक काफी दबाव पडने.पर विवि की वेबसाइट पर जारी किया गया । ऐसे में भर्ती प्रक्रिया पर तमाम सवाल उठ रहे हैं आवेदकों ने भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग उठाई है रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय का कहना है कि एक पद के सापेक्ष 15 आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है । स्क्रीनिंग कमेटी में जो कटऑफ जारी किया गया है उसी के अनरूप अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जा रहा है । जिन लोगों को नहीं बुलाया गया है वही वह अनर्गल आरोप लगा रहे हैं ।

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